हरिद्वार। चारधाम यात्रा सीजन के दौरान बढ़ते यातायात दबाव और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने शहर के लिए विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन और प्रबंधन योजना जारी की है। पुलिस ने सभी वाहन चालकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, सड़क जाम से बचाव और तीर्थ यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाना है।
यातायात का दबाव बढ़ने पर भारी वाहनों को राज्य की सीमाओं पर ही रोकने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा नगला इमरती से वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैंप पार्किंग होल्डिंग एरिया में भेजा जाएगा। सामान्य स्थिति में होल्डिंग एरिया चमगादड़ टापू रहेगा। होल्डिंग एरिया को सेक्टरों में बांटकर प्रवेश और निकास अलग-अलग मार्गों से होगा। चीला मार्ग का उपयोग केवल ऋषिकेश से बाहर निकलने के लिए किया जाएगा। निजी बसों को देहरादून और ऋषिकेश की ओर मोहण्ड मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा।
दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों को नारसन, मंगलौर होते हुए गुरुकुल कांगड़ी और शंकराचार्य चौक के रास्ते हरिद्वार भेजा जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू में की गई है।
अत्यधिक भीड़ की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग लक्सर, फेरूपुर, जगजीतपुर और शनि चौक के रास्ते वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा तथा पार्किंग बैरागी कैंप में होगी। सहारनपुर, बिहारीगढ़ और मोहण्ड के रास्ते देहरादून और ऋषिकेश की ओर यातायात भेजा जाएगा।
बैरागी कैंप (होल्डिंग एरिया), पंतद्वीप, चमगादड़ टापू, दीनदयाल पार्किंग, गौरीशंकर और नीलधारा (विशेष रूप से बड़े वाहनों के लिए) निर्धारित किए गए हैं। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले ऑटो, विक्रम जयराम मोड़ तक ही अनुमति पाएंगे। ज्वालापुर, रानीपुर और देवपुरा क्षेत्रों में विशेष डायवर्जन लागू रहेगा। ललतारा पुल से शिवमूर्ति तिराहे तक सभी ऑटो और टैक्सी का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
पुलिस ने सभी चालकों और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। निर्धारित रूट और पार्किंग का ही उपयोग करें। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सहायता लें, धैर्य बनाए रखें और सहयोग करें।
