रुड़की/संवाददाता
8 जनवरी के उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नीरज खैरवाल के जारी एक आदेश, जिसमें उन्होंने अवगत कराया कि राजस्व वसूली हेतु निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष वसूली नहीं की जा रही है। इस संबंध में उपाकालि की 96वीं निदेशक मंडल की बैठक में भी निदेशक मंडल द्वारा अप्रसन्नता जाहिर की गई तथा फील्ड अधिकारियों की जिम्मेदारी तय किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अतः राजस्व वसूली तथा लाइन हानियों को कम करने हेतु एतद द्वारा आदेशित किया जाता है कि व्यवहारिकता के आधार पर निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध वसूली एवं लाइन हानियां कम नहीं की जा सकती हैं, तो संबंधित उपखंड अधिकारी, अधिशासी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता उसके लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे तथा उनके द्वारा वेतन उसी प्रतिशत से काटा जाएगा, जितना कि वह निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध वसूली सुनिश्चित करेंगे। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से प्रवृत्त होंगे। इसकी प्रतिलिपि निदेशक परिचालन, परियोजना, वित्त, मा0सं0, उपाकालि देहरादून, समस्त मुख्य अभियंता वितरण उपाकालि, समस्त अधीक्षण अभियंता उपाकालि, समस्त अधिशासी अभियंता वितरण उपाकालि को भी भेजी गई है, को लेकर सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों में भारी आक्रोश पनपा हुआ है। इन आदेश के खिलाफ कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कार्तिकेय दुबे व महासचिव अमित रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आदेश के निरस्तीकरण को लेकर उच्च अधिकारियों से वार्ता की गई, लेकिन कोई निर्णय नही निकला। इस आदेश के बाद 3 जेई व 3 सहायक अभियंता की टीम बनाई गई है। हालांकि उच्च अधिकारियों ने इस आदेश में संशोधन की बात लहि है, जो अभी तक नहीं हुआ। फिलहाल अभी किसी भी बिंदु पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। ऐसा न होने की स्थिति में यूनियन बड़े कदम भी उठा सकती है।
