हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली के सुमन नगर के एन्क्लेव में एक कार्यक्रम में पंकज लांबा की लाइसेंसी पिस्टल से गोली चलने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि गोली उनके गले में लगी है। जब उनको अस्पताल ले जाया गया तो वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पंकज लांबा कॉलोनी में एक परिवार के साथ पार्टी कर रहे थे। लांबा परिवार की दो लड़कियां भी पार्टी में शामिल थीं। इस दौरान पंकज लांबा ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल एक परिवार की नाबालिग लड़की को दे दी। बताया जा रहा है कि उसने जब गोली चलाई तो वो सीधा पंकज लांबा के गले में जा लगी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सीओ सदर संजय बिश्नोई का कहना है कि सुबह करीब 3 बजे सुमन नगर चैकी पर सूचना मिली कि दुर्घटनावश गोली चलने से पंकज लांबा नामक युवक की मृत्यु हो गई है। सूचना देने वाले पंकज लांबा को घायल अवस्था में अपने साथ सुमन नगर चैकी लेकर आए थे। जिसके बाद उन्हें सरकारी हॉस्पिटल उपचार के लिए भेजा गया। उपचार के दौरान डॉक्टर की टीम ने पंकज लांबा को मृत घोषित कर दिया। गोली कैसे चली, किन परिस्थितियों में चली इसकी विवेचना और जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। देहरादून से फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। पंकज लांबा मूल रूप से मेरठ के रहने वाले थे। वर्तमान समय में हरिद्वार में रह रहे थे। इस घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों की जानकारी भी पुलिस द्वारा जुटाई जा रही है। इस मामले में पुलिस द्वारा अलग-अलग एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा पुलिस द्वारा किया जाएगा। पुलिस सूचना पर हरिद्वार पहुंचे पंकज लांबा के छोटे भाई इस घटना को बड़ी साजिश मान रहे हैं। पंकज लांबा के छोटे भाई अरुण लांबा का कहना है कि यह सोची समझी साजिश है। यह योजना बनाकर किया गया मर्डर है। स्थानीय पुलिस भी इस घटना की लीपापोती कर केस को बंद करना चाहती है। अरुण लांबा का कहना है कि कुछ खनन माफिया पंकज लांबा के पीछे पड़े हुए थे। यह हत्या उनकी साजिश का नतीजा लगती है। एक-दो दिन पहले खनन माफियाओं से पंकज का झगड़ा हुआ था। छात्रवृति घोटाले को लेकर भी इसमें जांच की जाने की आवश्यकता है। सोशल एक्टिविस्ट और आरटीआई कार्यकर्ता पंकज लांबा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत बड़े सवाल खड़े कर रही है। पंकज लांबा की मुहिम के कारण ही उत्तराखंड में सबसे बड़े घोटाला छात्रवृत्ति घोटाला उजागर हुआ था। कई सफेदपोश इस मुहिम की वजह से सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। यही वजह है कि इस घटनाक्रम में साजिशन हत्या के कयास लगाए जा रहे हैं।
