हरिद्वार। नगर कोतवाली पुलिस ने गुरुग्राम हरियाणा से स्कूल जाने के लिए घर से 20 फरवरी को निकले तीन नाबालिगों को रेस्क्ूये किया है। तीनों बच्चेघूमने की योजना बनाकर रेल से हरिद्वार पहुंचे। पुलिस ने बच्चों के परिजनों को सूचना दे दी है।
जानकारी के मुताबिक जनपद में ऑपरेशन स्माइल के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पुलिस टीमें रेलवे स्टेशन, हर की पैड़ी व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भ्रमणशील रहकर बिना अभिभावकों के घूमते मिले बच्चों से पूछताछ एवं सत्यापन करती हैं।
पुलिस टीम हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर चेकिंग पर थी। इसी दौरान तीनों बालक संदिग्ध अवस्था में लावारिस हालत में घूमते मिले। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चे संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। पुलिस द्वारा मौके पर बच्चों की काउंसलिंग की गई तथा उन्हें सुरक्षित रूप से बाल गृह ज्वालापुर में दाखिल कराया गया। पुनः काउंसलिंग के उपरांत बच्चों ने अपना नाम व पता बताया।
जानकारी के आधार पर परिजनों से संपर्क किया गया तो ज्ञात हुआ कि बच्चे स्कूल के लिए घर से निकले थे, परंतु स्कूल न पहुंचने पर परिजनों द्वारा काफी तलाश की गई। बच्चों के न मिलने पर संबंधित थाना, गुरुग्राम (हरियाणा) में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। तीनों बालक कक्षा 6 के छात्र हैं, जो कि हरिओम इंटरनेशनल स्कूल खेड़की के विद्यार्थी हैं। स्कूल की छुट्टी के बाद बिना परिजनों को बताए रेल के माध्यम से हरिद्वार आ गए थे। रेस्क्यू किए गए बालक आर्यन पुत्र रोहित, उम्र 11 वर्ष, दीपक पुत्र मिन्नत राज, उम्र 12 वर्ष व मयंक पुत्र सुनील, उम्र 12 वर्ष, निवासीगण ग्राम खेड़की डोला, गुरुग्राम, हरियाणा बताए गए हैं।
