धर्म का ह्ास कर रहे धर्मध्वजा वाहक
हंस परम्परा के संन्यासी से संन्यास दिलवाकर परमहंस बनायाहरिद्वार। साधु-संतों को धर्मध्वजा का वाहक कहा गया है। धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संतों ने शास्त्र के साथ शस्त्र भी उठाए हैं। कई लड़ाईयां संतों के द्वारा लड़ी गयी हैं। किन्तु वर्तमान में समय में बदलाव के साथ ही धर्म के रक्षक धर्म […]
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