कर्मों का फल अवश्य भोगना पड़ता हैः मोरारी बापू
कुसंग छोड़ दो यही मंरी दक्षिणाः मोरारी बापूबुद्ध के निर्वाण की पुण्यभूमि कुशीनगर में गत नौ दिन से कथापाचक मोरारीबापू द्वारा आयोजित श्री रामकथा का आज विश्राम हो गया।राम वनवास के प्रसंग की विषद चर्चा करते हुए बापू ने कहा कि सुख और दुःख सापेक्ष हैं। जीवन में यदि सुख को नारायण समझा जाए तो […]
Continue Reading
