स्वामी प्रज्ञानानंद तीन करोड़ दे देते तो नहीं होता स्वामी कैलाशानंद का पट्टाभिषेक
प्रतिवर्ष एक करोड़ और 20 समष्टि भण्डारे कुंभ में देने का था प्रस्तावहरिद्वार। त्याग की दुकानों पर कैसे पदों की बोली लगती है, इसका उदाहरण अखाड़ों से बेहतर कहीं और मिल नहीं सकता है। सब कुछ त्यागकर भगवद् भजन और समाज सेवा के साथ धर्म की रक्षा का दंभ भरने वाले कैसे लोभ और मोह-माया […]
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