बद्रीविशाल ब्यूरो
हरिद्वार। फाइनेंस कर्मी से लूट की घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एलर्ट हो गई लेकिन जब जांच की तो मामला फर्जी निकला। पुलिस को गुमराह करने व लूट की झूठी सूचना देने के आरोप में पुलिस ने फाइनेंस कर्मी पर 5000 रुपये का चालान कर जुर्माना वसूला साथ ही भविष्य में ऐसा ना करने चेतावनी भी दी।
पुलिस के मुताबिक थाना झबरेड़ा में ग्राम जौली डिडोला, थाना नागल, जिला हरिद्वार निवासी फाइनेंस कर्मी अरुण कुमार पुत्र विजेंद्र
द्वारा 112 के माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि मोलना-खजूरी रोड पर मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उसके साथ मारपीट कर पैसों से भरा बैग छीन लिया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना झबरेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने व अरुण कुमार से पूछताछ के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले व अरूण के मोबाइल फोन का डाटा चेक किया। जांच में पाया गया कि गूगल मैप टाइमलाइन डाटा व अरुण कुमार की बताई बातों में काफी विरोधाभास था। इसके बाद पुलिस ने जब फाइनेंस कर्मी अरुण से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई पुलिस को बता दी।
ऐसा रची फाइनेंस कर्मी ने लूट की झूठी कहानी
अरुण कुमार ने बताया कि उसे 54,000 की सख्त जरूरत थी उसने शिवपुर मोलना बेहड्की गांव से यह रकम कलेक्ट की थी।झबरेड़ा ऑफिस लौटते समय मोलना-खजूरी रोड पर लालच आ गया और उसने खुद ही अपनी बाइक खेत में गिरा दी।इसके बाद अपने मैनेजर, एरिया मैनेजर और पुलिस (112) को लूट की झूठी सूचना दे दी। जबकि उसने यह रकम पहले ही बेहड्की निवासी अपने मित्र अमरेश के पास रखवा दिए थे और अगले रोज वापिस लेने की बात कही। पुलिस ने अमरेश से इस बात की पुष्टि की। जिसके बाद आरोपी अरुण का पुलिस ने धारा 83 पुलिस एक्ट के तहत 5000 रुपये का चालान किया। साथ ही उसे भविष्य में दुबारा ऐसा ना करने उसे चेतावनी भी दी