फरार आरोपी को पकड़ने आयी थी पुलिस, 11 के खिलाफ मुकदमा
हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में मुजफ्फरनगर के छपार थाने की पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने का मामले में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक यूपी मुजफ्फरनगर के छपार थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक मुकदमे के वांछित आरोपी गिरफ्तार को गिरफ्तार करने आई पुलिस टीम पर हमला किया गया। आरोपित के बेटे और उसके साथियों ने पुलिस की गाड़ी को कई बार टक्कर मारी, जिसमें एक दरोगा, सिपाही और एक महिला सिपाही घायल हो गए। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने मौके से तीन आरोपितों ईशान्त पुत्र संजय, शिवम मलिक पुत्र अनुज मलिक व अमन पुत्र गजेंन्द्र समस्त निवासी गण सुभाष नगर कोतवाली ज्वालापुर जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया। भीड़ का फायदा उठाकर अन्य आरोपी फरार हो गए। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने सात नामजद और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जान से मारने का प्रयास समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छपार थाने में तैनात दारोगा अनुराग सिंह ने ज्वालापुर पुलिस को शिकायत देकर बताया कि सिपाही मोहित, अनिल कुमार और महिला सिपाही प्राची मुजफ्फरनगर के छपार थाने में तैनात हैं। थाने में दर्ज एक मुकदमे में वांछित आरोपी संजय पुत्र राजपाल, निवासी ए 14, सुभाष नगर थाना ज्वालापुर की तलाश में प्राइवेट वाहन से हरिद्वार आए और स्थानीय थाने में आमद दर्ज कराई। पुलिस टीम आरोपी के घर पर पहुंची, लेकिन आरोपी संजय अपने घर पर मौजूद नहीं मिला। आरोपी के बेटे ईशांत को मुकदमे के बारे बताया गया कि संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। ईशांत ने पुलिस टीम को बोला कि ऐसे मुकदमे तो उन्होंने बहुत देखे हैं और इसे भी देख लेंगे।
इसके बाद टीम संजय की तलाश कर रही थी कि आरोपी संजय त्रिमूर्ति बाजार की तरफ से आता दिखा। टीम ने संजय को बताया कि मुकदमे में उसके बयान दर्ज करने हैं, लेकिन उसके द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है। उसी समय संजय का बेटा ईशांत पीछे से अपनी थार गाडी से अपने साथियांे के साथ वहां आ गया। तभी अचानक संजय ने भी पुलिस के साथ अभद्रता शुरू कर दी। संजय ने अपने बेटे से बोला कि सारे लडकों को बुलाओ, मौके की नजाकत को देखते हुए आरोपी संजय को गिरफ्तार कर लिया गया। टीम संजय को लेकर हाईवे पर मुजफ्फरनगर की तरफ जा रहे थे। तभी ईशांत की थार और एक काले रंग की स्कार्पियो उनका पीछा करती दिखाई दी। भूमानंद अस्पताल के पास अचानक जान से मारने की नियत से पुलिस की गाड़ी को टक्कर मार दी।
दोनों गाड़ियों में से शिवम पुत्र अनुज मलिक, अनुज मलिक पुत्र जगतसिंह, कुणाल त्यागी, अमन, अनिरुद्ध और इनके साथ कई अज्ञात लोग थे। इन सभी लोगों के द्वारा आरोपी संजय के कहने पर पुलिस के सरकारी कार्य में न केवल बाधा उत्पन्न की बल्कि पुलिस को जान से मारने की नियत से गाडी में बार बार टक्कर मारी गई। हमले में वो और महिला प्राची और सिपाही अनिल घायल हो गए। तभी ज्वालापुर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई, सूचना पर एसएसआई खेमेन्द्र गंगवार पुलिस फोर्स के साथ मौके पहुंचे और पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से हमला करने वाले ईशांत पुत्र संजय, शिवम मलिक पुत्र अनुज, अमन पुत्र गजेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया। भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी अनिरुद्ध मौके से फरार हो गया।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि इस मामले में आरोपी संजय, ईशांत, शिवम मालिक, अमन, अनिरुद्ध, कुणाल त्यागी और अनुज मालिक समेत चार अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
