पैसे लेकर वापस न करने पर संत का बिस्तर गोल होना तय
गणेश वैद्यहरिद्वार। संत को दंभ, पाखण्ड, मोह आदि से दूर रहते हुए सभी परिस्थितियों में समान व्यवहार करने की शास्त्रों में बात कही गयी है। संन्यास के संबंध में कहा गया है कि सम्यक रूपेण सामयति इति संन्याय अर्थात जहां समानता है वहीं संन्यास है।वर्तमान के हालातों पर दृष्टि डालें तो संन्यास की परिषाभा इसके […]
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