हरिद्वार पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को कर्नाटक से सकुशल बरामद किया। इस पूरी कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को होने से पहले ही रोक दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुड़की क्षेत्र के पिरान कलियर में रहने वाली एक महिला ने 10 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी 14 वर्षीय बेटी को पड़ोस में रहने वाली एक महिला कपड़े दिलाने के बहाने अपने साथ ले गई और वापस नहीं लौटी। इस पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी महिला बच्ची को पहले रुड़की से सहारनपुर ले गई, जहां उसने बच्ची का मोबाइल बंद करवा दिया ताकि वह परिवार से संपर्क न कर सके। इसके बाद सहारनपुर से दिल्ली और फिर कर्नाटक एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए उसे बैंगलोर (कर्नाटक) ले जाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देहात और सीओ रुड़की के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस करते हुए 16 अप्रैल को कर्नाटक पहुंचकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी महिला को पकड़ लिया और नाबालिग बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में आरोपी महिला ने खुलासा किया कि उसका मकसद बच्ची से भीख मंगवाना और उसे गलत कार्यों में धकेलना था। पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई से बच्ची को गलत हाथों में जाने से बचा लिया गया।
पीड़िता की मां, जो बेहद गरीब और बीमार है, अपनी बेटी को वापस पाकर भावुक हो उठी। उसे उम्मीद नहीं थी कि कोई उसकी मदद करेगा, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई ने एक मां की मुस्कान लौटा दी।
इस सराहनीय कार्य के लिए एसएसपी हरिद्वार ने पूरी पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए उनकी पीठ थपथपाई। स्थानीय लोगों ने भी हरिद्वार पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की।
