चयनित लोगो के डिजाइनर को सम्मानित भी करेगा मेला प्रशासन
हरिद्वार। आगामी कुम्भ मेला की तैयारियों में मेला प्रशासन ने आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत कुम्भ मेला के लिए आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (लोगो) डिजाइन तैयार करने के लिए नागरिकों से रचनात्मक प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं।
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बताया कि कुम्भ मेला भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। कुम्भ मेला को दिव्य एवं भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारियों के क्रम में आमजन की रचनात्मक भागीदारी के माध्यम से इस आयोजन का श्लोगोश् तैयार करने का निश्चय किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित श्लोगोश् ऐसा होना चाहिए जो कुम्भ मेला की धार्मिक आस्था के साथ-साथ सदियों पुरानी इस अद्भुत विरासत की परिकल्पना को आकर्षक एवं प्रभावी रूप में प्रस्तुत कर सके। यह लोगो कुम्भ मेला की एक प्रमुख पहचान बनेगा, इसलिए इसमें नवाचार के साथ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक मूल्यों एवं परंपराओं की स्पष्ट झलक होना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति स्वयं द्वारा तैयार किया गया लोगो डिजाइन 15 दिनों के भीतर सॉफ्ट कॉपी एवं हार्ड कॉपी के रूप में मेला नियंत्रण भवन, निकट हर की पैड़ी, हरिद्वार स्थित उनके कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में उपलब्ध करा सकते हैं।
मेलाधिकारी ने बताया कि चयनित लोगो डिजाइन के डिजाइनर को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड के आम नागरिकों, कलाकारों, डिजाइनरों, युवाओं एवं छात्रों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस पहल से जुड़ें और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से कुम्भ मेला की पहचान को नया आयाम दें।
