आचार्य बालकृष्ण ने किया कोरोना की दवा बनाने का दावा

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बोले, अभी तक ठीक को चुके है सैंकड़ों मरीज
हरिद्वार।
समूचे विश्व में जहां कोरोना का प्रकोप है और इसके कारण लाखों लोग अपनी जान गंगवा चुके हैं। विश्व के वैज्ञानिक कोरोना से निजात के लिए दवा बनाने के कार्य में दिन-रात जुटे हुए है। वहीं पतंजलि योगपीठ ने कोरोना वायरस की दवा बनाने का दावा किया है। पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया है कि उन्होंने कोरोना की दवा तैयार कर ली है। कोरोना के सैकड़ों मरीज इस दवा से अभी तक ठीक भी हो चुके हैं।
पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक इस दवा की क्लीनिक रिपोर्ट आ चुकी है। अभी बस उन्हें क्लीनिक कंट्रोल ट्रायल की रिपोर्ट का इंतजार है। जिसके बाद वे जल्द ही वैश्विक मानकों के अनुसार कोरोना की दवा दुनिया के सामने रखेंगे। आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया है कि अभी तक उन्होंने हजारों कोरोना रोगियों और संदिग्ध मरीजों को ये दवा दी है। इसके परिणाम सकारात्मक आए हैं। इस दवा से इलाज के बाद सभी की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसका डाटा पतंजलि योगपीठ के पास मौजूद है। जो लोग इस दवाई से ठीक हुए हैं, उनके भी नाम सामने होंगे और वे खुद आगे आकर इसके बारे में बताएंगे। बालकृष्ण ने कहा कि कोरोना वायरस इस वक्त भयानक स्थिति में है। इस वायरस से पूरा देश पीडि़त है। जब उन्हें कोरोना वायरस का पता चला तब से ही पतंजलि योगपीठ के वैज्ञानिक इसकी दवाई की खोज में जुट गए थे। पतंजलि योगपीठ शुरू से ही आईसीएमआर को सलाह दे रहा था कि एलोपैथिक के साथ आयुर्वेदिक दवा का भी इस्तेमाल किया जाए। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आयुर्वेदिक काढ़ा और जड़ी-बूटियों के लिए वातावरण तो तैयार हुआ था, लेकिन इस इस पर जिस तरह का शोध होना चाहिए था, वो नहीं हुआ। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक इस दवाई का अब तक का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा है। इस दवाई को बनाने के लिए उनके अलग-अलग वैज्ञानिकों ने पूरी प्रामाणिकता के साथ कार्य किया है। इसके साथ ही अमेरिका, जर्मनी और सिंगापुर के वैज्ञानिकों का भी इसमें सहयोग लिया गया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से कोरोना वायरस का खात्मा हो सकेगा तो यह आयुर्वेद के लिए गौरव की बात है। यदि ऐसा होता है तो यह समूचे विश्व के लिए राहत भरी खबर होगी।

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