हरिद्वार के सभी पुराने मंदिरों का बनाया जाएगा सर्किट

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जिला अधिकारी सी रविशंकर ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
हरिद्वार।
महाशिवरात्रि के पर्व पर हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने शिव की ससुराल कनखल में स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की और उत्तराखंड के कल्याण की कामना की। वेद मंत्रों के मध्य जिलाधिकारी ने दक्षेश्वर महादेव का गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, फल-फूल, नैवेद्य से अभिषेक किया। मंदिर के मुख्य पुजारी दिगंबर बाबा विश्वेश्वर पुरी महाराज ने जिला अधिकारी रविशंकर को पूजा अर्चना करवाई।
पूजा अर्चना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जिलाधिकारी रविशंकर ने कहा कि उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित त्रिजुगी नारायण मंदिर की तरह हरिद्वार के विभिन्न मंदिरों को देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना के साथ-साथ शादी विवाह करने के लिए भी सुविधा प्रदान की जाएगी। ताकि भगवान के परम सानिध्य में राष्ट्र निर्माण अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि त्रिजुगी नारायण मंदिर में शिव-पार्वती का विवाह हुआ था। हरिद्वार के सभी पौराणिक मंदिरों का इतिहास संकलित किया जा रहा है और इनके पौराणिक महत्व को संग्रहित करके पर्यटन विभाग उत्तराखंड की ओर से इन मंदिरों का एक सर्किट बनाने की योजना है। ताकि इन मंदिरों का रखरखाव ढंग से किया जा सके और अन्य सुविधाएं जुटाई जा सके। जिससे हरिद्वार के सभी पौराणिक मंदिर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर उभर सकें और यहां अधिक से अधिक संख्या में साल भर तीर्थयात्री आ सकें। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की अपनी धार्मिक मान्यता है। हरिद्वार के धार्मिक स्वरूप और गरिमा को जिला प्रशासन बनाए रखने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि आदि जगद्गुरु शंकराचार्य उत्तराखंड अपनी धार्मिक यात्रा के दौरान कई पौराणिक स्थलों का पुनर्निर्माण कराया और उनका संरक्षण संवर्धन किया। इसीलिए आदि जगद्गुरु शंकराचार्य तथा उत्तराखंड का धार्मिक होने के साथ-साथ भावुक रिश्ता भी है।
इस अवसर पर दिगंबर बाबा स्वामी विश्वेश्वर पुरी महाराज ने जिलाधिकारी को माला पहनाकर और नारियल भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया। इस मौके पर सहायक परियोजना निदेशक एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट नलिनीत घिल्डियाल भी मौजूद थी।

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