हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र के चर्चित रवि चौहान हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो सुपारी किलरों को गिरफ्तार किया है। कप्तान नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी।
मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि 17 अप्रैल को मृतक की पत्नी ने कोतवाली ज्वालापुर में अपने पति रवि चौहान (45 वर्ष) की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा तलाश जारी थी कि 19 अप्रैल को रानीपुर झाल से रवि का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर पुलिस को हत्या की आशंका हुई, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की गई।
जांच के दौरान पुलिस को अहम डिजिटल एविडेंस मिले, जिनसे पता चला कि दो युवक मोटरसाइकिल पर रवि चौहान को अपने बीच में बैठाकर हरीलोक तिराहे से रानीपुर झाल की ओर ले गए थे। मुखबिर तंत्र की मदद से एक संदिग्ध की पहचान ज्वालापुर के हिस्ट्रीशीटर नदीम के रूप में हुई।
बताया कि पुलिस की सख्त पूछताछ में नदीम ने अपने साथी दानिश अली के साथ मिलकर हत्या की साजिश कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि उन्हें सीतापुर निवासी चाचा-भतीजे ने करीब 1.5 लाख की सुपारी दी थी। दोनों ने पहले रवि को शराब पिलाई, फिर मारपीट कर गला घोंट दिया और शव को रानीपुर झाल के पास फेंक दिया।
जांच में सामने आया कि मृतक को उसके भाई ने कुछ जमीन उपहार में दी थी, जिससे भाई का दामाद नाराज था। लंबे समय से चल रहे विवाद और लालच के चलते दामाद ने अपने भतीजे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, सुपारी की रकम में से 61,000 नगद बरामद किए हैं।
हत्या की सुपारी देने वाले चाचा-भतीजे फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
गिरफ्तार आरोपितों के नाम पते नदीम (27 वर्ष) व दानिश अली (23 वर्ष), निवासीगण कस्साबान ज्वालापुर बताए गए हैं। नदीम पर पहले से हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है।
