हरिद्वार। हरिद्वार में एक अज्ञात साधु की बेरहमी से हत्या के मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। डंडे और पत्थर से की गई इस हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी थी।
मंगलवार 21 अप्रैल को चौकी रोडीबेलवाला पर एक व्यक्ति ने सूचना दी कि दीनदयाल पार्किंग के अंडरपास के ऊपर, दोनों हाईवे के बीच पीपल के पेड़ के पास रहने वाले एक साधु पर एक नेपाली युवक ने हमला कर दिया है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां करीब 40-45 वर्षीय अज्ञात साधु गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। उसके सिर और चेहरे पर डंडे और पत्थर से गहरी चोटें थीं। घायल को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखवाया गया।
मृतक की पहचान न हो पाने के कारण पुलिस ने स्वयं वादी बनते हुए मुकदमा अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज किया।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी और मृतक की शिनाख्त के लिए विशेष टीमें गठित की गईं।
पुलिस टीमों ने डिजिटल और मैनुअल दोनों तरीकों से जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ के दौरान श्रद्धालुओं और यात्रियों ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति को घटना के बाद गंगा सभा की अस्थायी पार्किंग की ओर जाते देखा गया था। इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत सर्च अभियान चलाया। गंगा सभा की अस्थायी पार्किंग में तलाशी के दौरान पुलिस को एक व्यक्ति पेड़ के नीचे सोता हुआ मिला। उठाने पर वह घबरा गया और रोते हुए माफी मांगने लगा। पूछताछ में उसने अपना नाम दीपक थापा (43 वर्ष) पुत्र रामबहादुर थापा, निवासी ग्राम पुरकोट तमगास, अंचल लुम्बिनी (नेपाल) बताया।
आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह कुछ दिन पहले चंडीगढ़ से हरिद्वार आया था और रहने का कोई ठिकाना न होने के कारण पार्किंग में ही सोता था। कुछ दिन पहले सोने की जगह को लेकर साधु से उसका विवाद हुआ था, जिससे वह बदला लेने की सोच रहा था। घटना की रात वह कनखल क्षेत्र में एक शादी समारोह में काम करने गया था, जहां नशा करने के बाद वापस लौटा। पुल के नीचे पहुंचने पर साधु से फिर कहासुनी और गाली-गलौच हो गई। गुस्से में आकर उसने पहले बांस के डंडे से हमला किया और डंडा टूटने पर पास पड़े पत्थर से साधु के चेहरे पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने आरोपित कोगिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही करते हुए उसका चालान कर दिया है।
वहीं, मृतक साधु की पहचान के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है। इस घटना में हरिद्वार पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सक्रियता सामने आई है, जिसने महज 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
